CG News- ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस और कॉलोनी में चल रहे सेक्स रैकेट का किया पर्दाफाश

CG News/छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने देह व्यापार के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए केलो विहार कॉलोनी में चल रहे सेक्स रैकेट को बेनकाब किया है।
चक्रधर नगर थाना पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को बेहद फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया, जहां पुलिस का एक जवान खुद फर्जी ग्राहक बनकर एजेंट के पास पहुंचा और सौदेबाजी की। जैसे ही इस अवैध कारोबार की पुष्टि हुई, बाहर तैनात पुलिस की टीम ने मकान पर धावा बोल दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से एक एजेंट और एक ग्राहक को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन युवतियों को रेस्क्यू किया गया है। पकड़ी गई युवतियां ओडिशा, बिलासपुर और लैलूंगा की रहने वाली बताई जा रही हैं।
पुलिस को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि केलो विहार कॉलोनी के एक किराए के मकान में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
सूचना की तस्दीक करने के लिए पुलिस ने एक रणनीति तैयार की और रविवार की रात एक जवान को नगद रुपयों के साथ मकान के भीतर भेजा। वहां डिंपी इजारदार नामक व्यक्ति मिला, जो मुख्य एजेंट के रूप में काम कर रहा था। जैसे ही जवान ने सेक्स वर्कर की डिमांड की और सौदा पक्का हुआ, उसने बाहर खड़ी टीम को संकेत दे दिया।
पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर मकान के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली, जहां से 20 से 30 वर्ष की आयु की तीन युवतियां और एक ग्राहक नागेन्द्र विश्वकर्मा मिले। तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी एजेंट डिंपी इजारदार पिछले एक साल से संतोष सोनी नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहा था। वह बाहरी राज्यों और जिलों की युवतियों को ज्यादा पैसों का लालच देकर रायगढ़ बुलाता था और उनसे देह व्यापार करवाता था।
गिरफ्तार ग्राहक नागेन्द्र विश्वकर्मा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह इसी काम के लिए वहां आया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हैं और क्या मकान मालिक को इस अवैध गतिविधि की जानकारी थी।
पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू की गई युवतियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि इस व्यापार के मुख्य नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। फिलहाल, मुख्य आरोपी डिंपी इजारदार और ग्राहक नागेन्द्र विश्वकर्मा के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
रायगढ़ पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की शहर में चर्चा हो रही है, और इसे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








